नवजात शिशु की एक महीने तक करे विशेष देखभाल(How to take care a newborn baby), इन बीमारियों का रहता है खतरा

बच्चे के साथ ही एक माँ का भी जन्म होता है, कोई भी नई माँ अपने बच्चे की ही तरह पूरी तरह अबोध होती है| एसे म बच्चे को संभालना किसी चुनौती से कम नही।

9 महीने के लंबे इंतजार के बाद जब आप माँ बनती है,तो आपके मन मे हजारों सवाल रहते है। उनमे से सबसे महत्वपूर्ण सवाल है नवजात शिशु की सही देखभाल कैसे करे,खास करके जब आप पहली बार माँ बन रही हो।

बच्चे का विशेष देखभाल करना किसी चुनौती से कम नही है,खास करके नवजात बच्चे का, क्युकी नवजात बच्चों का शरीर काफी नाजुक होता है,एसे मे उनके प्रति सावधानी बरतने के साथ ही विशेष ध्यान देने की जरूरत भी होती है।  

तो चलिए जानते है नवजात शिशु की देखभाल(How to take care a newborn baby) के बारे मे कुछ जरूरी बाते.

how to take care new born baby
How to take care Newborn baby
  1. नाल का ध्यान रखना है जरूरी

बच्चे के जन्म के बाद नाल का कुछ हिस्सा बच्चे के नॉवेल मे छोड़ दिया जाता है जिसे गिरने मे थोड़ा समय लगता है,आपको इस व्यक्त विशेष ध्यान देने की जरूरत पद सकती है जब तक नाल खुद से न गिरे उसके साथ छेड़खानी बिल्कुल न करे, और न ही बच्चे को नहलाए।

आप कॉटन के कपड़े को भिगो कर बच्चे को पोंछ सकती है, बच्चे को नहलाने या नाल से छेड़खानी करने से अगर नाल मे किसी तरह का इन्फेक्शन हो जाए तो आपको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.https://mamaworlds.com/?p=210

  • ब्रेस्टफीडिंग का रखे विशेष ध्यान

नई माँ के लिय जरूरी है की वो बच्चे को हर 2 से 3 घंटे के अंतराल मे ब्रेस्टफीडिंग कराती रहे। ध्यान दे की जब भी आप बच्चे को दूध पिलाए तो बैठ के पिलाए लेटे –लेटे दूध पिलाने से बच्चे के नाक मे दूध जाने का खतरा रहता है।

अगर आपको लग रहा हो दूध ज्यादा नही बन रहा है तो तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श ले।  साथ ही हेल्थी डाइइट लें।

  • दूध पिलाने के बाद डकार दिलाना जरूरी

दूध पिलाने के बाद बच्चे को डकार जरूर दिलाए,क्युकी दूध पीने से बच्चे के पे मे हवा भर जाता है अगर बच्चा डकार न मारे तो उलटी करने का डर रहता है,इसके लिए अपने बच्चे को कंधे पर लेकर उसकी पीठ सहलाये,ये डकार दिलाने का एक आसान तरीका है।

  • निमोनिया से बच्चे को बचाए

इस बात का विशेष ध्यान रखे की बच्चे को ज्यादा न नहलाए,बच्चे को नहलाते समय पानी हमेसा थोड़ा गुनगुना(गरम) रखे।बच्चे को रोज न नहलाए(सिर्फ हफ्ते मे 3 बार) क्युकी बच्चे का शरीर काफी नाजुक होता है इस समय बीमारी होने का डर भी रहता है।

  • बच्चे को बाहर न ले जाए

बच्चे को शुरू के 1से2 महीने पूरी तरह से घर से बाहर ले जाने से बचे क्युकी ये समय बहुत नाजुक होता है और नवजात बच्चे को इन्फेक्शन होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है.

फी धीरे-धीरे उन्हे 10 से 15 मिनट धूप दिखाना शुरू कर सकते है।

  • बच्चे की मालिश करना

बच्चे का सही से मालिश करने से उन्हे आराम महसूस होता है इसके लिए आप किसी भी अच्छे ऑइल का इस्तेमाल कर सकते है। ठंड के मौसम मे आप ऑइल को थोड़ा गरम करके ही मालिश करे।

  • बच्चे को गीले मे न छोड़े

इस बात का खास खयाल रखे की बच्चे को थोड़ी देर के लिए भी गीले मे न सोये रहने दे नही तो सर्दी लगने का खतरा बढ़ जाता है,साथ ही समय-समय पर डाइपर बदलते रहे।  

नवजात शिशुओ की देखभाल शुरुआत के 1 महीने सबसे ज्यादा जरूरी होता हा, इस समय शिशुओ का विशेष ध्यान रखना चाहिए। वरना कई गंभीर बीमारी होने का खतरा रहता है।।

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