6 साल के बच्चों को पढ़ाने का 11 बेस्ट तरीका-Baccho ko padhane ka tarika in Hindi

हर माता-पिता की खवाइश होती है की उनका बच्चा सबसे बेस्ट हो ,बच्चे के उज्वल भविष्य के लिए पेरेंट्स अच्छे से अच्छे स्कूल मे बच्चों का दाखिला करवाते है,स्कूल के साथ-साथ घर पर भी अच्छा महोल देने का पूरा प्रयास करते है ताकी उनका बच्चा पढ़ाई मे सबसे अवल आए।

इसके वाउजूद कई पेरेंट्स का ये सिकायत रहता है की उनका बच्चा पढ़ाई-लिखाई मे कमजोर है। यहा,पेरेंट्स को खुद समझने की जरूरत है की वे अपने बच्चे को शिक्षित करने के लिए सही तरीका आजम रहे है की नहीं। 

एसे मे मामा वर्ल्डस के इस लेख मे हम इसी विषय की चर्चा कर रहे है। यहा हम कुछ ऐसी बाते बताएंगे,जिन्हे अपनाकर माता -पिता बच्चे को शुरुआत से मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए तैयार कर सकते है। इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर पढे।

चलिए,जानते है 6 साल के बच्चे को पढ़ाने का 11 बेस्ट तरीको के बारे मे।

6 साल के बच्चों को पढ़ने का 11 बेस्ट तरीका
  1. How to Teach kids in Hindi-6 साल के बच्चों को कैसे पढ़ाए?

आज के समय मे हर माता-पिता को बच्चे के पढ़ाई की चिंता शुरू हो जाती है, बच्चों का मन बहुत कोमल होता है इसलिए जरूरी है पेरेंट्स को थोड़ा धैर्य रहने की। कभी भी बच्चों से कोई भी काम डांटकर जोर-जबरदस्ती से करवाने की कोशिश बिल्कुल भी ना करे। नीचे दिए गए तरीकों की मद्दत से आप आसानी से बच्चों को पढ़ने मे मद्दत कर सकते है।

  • बच्चों के साथ बैठे

आप जब भी बच्चे को होमवर्क करवाने के लिए देते है तो कभी भी उन्हे अकेला न छोड़े,अपना काम करते-करते बच्चे को होमवर्क न करवाए। उन्हे अपना पूरा समय दे बच्चों के साथ बैठ कर ही उनका होमवर्क करवाए,लिखने मे जहा भी गलती करे उसे सुधारे। इससे बच्चा सहज महसूस करेगा और लिखना जल्दी सिख जाएगा।

  • पढ़ाई का शेड्यूल बनाए

एक बात का हमेशा ध्यान रखे की किसी भी समय बच्चे को पढ़ने के लिए लेकर मत बैठे,एक प्रापर शेड्यूल बनाए की दिन मे किस व्यक्त कितना टाइम बच्चे के साथ देना है और उसी को अच्छे से रोज फॉलो करे। 6 साल के बच्चे को पढ़ाने का 11 बेस्ट तरीका साथ ही हर विषय से संबंधित सभी टॉपिक क्लीर करवाए किसी एक विषय पर ज्यादा फोकस मत करे। सभी विषय को समान समय दे।

अगर बच्चा किसी विषय मे ज्यादा कमजोर है तो उस विषय पर आपको बाकी विषयों से ज्यादा ध्यान देना जरूरी है। हमेशा टाइम-टेबल का ध्यान रखना जरूरी है।

  • पढ़ाई का महोल बनाए

 अगर आप बच्चे के वाकई पढ़ना चाहते है तो इस बात का पूरा ध्यान रखे की घर मे पढ़ाई का महोल तैयार रखे। बच्चों के पढ़ाई के दौरान किसी और चीजों मे ध्यान न दे खास करके इलेक्ट्रि डिवाइसेस जैसे की मोबाईल फोन,टेलिविज़न इत्यादी ,घर का महोल शांत रखने का पूरा प्रयास करे उस समय।

आप चाहे तो बच्चे के स्टडी रूम मे या अपने हाल मे पढ़ाई से जुड़े गेम्स या वाल स्टिकर भी लगा सकते है।  6 साल के बच्चे को पढ़ाने का 11 बेस्ट तरीका जैसे Alphabets के चार्ट्स, शब्द उच्चारण,पहाड़ों का चार्ट आदि।

  • बच्चे के टीचर से मिले

 6 साल के बच्चे आज के समय मे स्कूल जाने की शुरुआत कर चुके होते है। इस समय आपको खास ख्याल रखना है की अगर बच्चे मे किसी भी तरह का चेंजेस आप देखते है तो तुरंत टीचर से बात करे।

बच्चा किन कारणों से पढ़ाई मे कमजोर है,बच्चे का मन किस चीज मे ज्यादा है,उसके दिनभर की गतिविधि,स्कूल मे दूसरे बच्चों के प्रति उनका रवैया ऐसे मुद्दों पर टीचर से विचार-विमर्श जरूर करे।

अगर बच्चा किसी खास विषय मे कमजोर है तो उसके बारे मे अवश्य पूछे,साथ ही बच्चे के क्लास परफॉरमेंस के बारे मे भी।

बच्चे के साथ हमेशा खुल कर बात करे,उनके साथ प्यार से पेश आए क्युकी exam मे नंबर किसी का भविष्य तय नहीं करता। टीचर के बताए अनुस्वार बच्चे के उपर काम करे।

  • विफलतावों से सीखने मे मद्दत करे

अगर किसी कारणवश आपका बच्चा क्लास मे कमजोर है तो उसे डांटे न,न ही अपने बच्चे को किसी दूसरे बच्चे के साथ कम्पेर करे,हर बच्चा अलग होता है कोई किसी चीज मे एक्सपर्ट तो कोई किसी विषय मे आप अपने बच्चे के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को खोजने का प्रयाश करे। हार और जीत दोनों के मानीने एक है ये शिक्षा अपने बच्चे को अवश्य दे। उन्हे और बेहतर करने के लिए प्रेरणा दे।

  • बच्चों की उपलब्धियों की प्रशंसा करे

बच्चा जब भी किसी खेल या पढ़ाई मे किसी भी तरह की उपलब्धि प्राप्त करता है तो उसे हमेशा बढ़ावा दे।इससे बच्चों मे अच्छी भावना उत्पन्न होती है। साथ ही बच्चे और बेहतर करने का प्रयास करते रहते है।

  • बच्चों को लालच न दे

कभी भी बच्चे को कुछ करने के लिए लालच न दे,क्युकी ये उनके मन मे हमेशा के लिए गलत प्रभाव छोड़ेगा। हमेशा उनके सही करने पर उनकी प्रशंसा करे और गलत करने पर उन्हे डाँटे।

  • पढ़ाई को खेल की तरह ले

पढ़ाई के समय अगर बच्चों के साथ किसी तरह का फन-लर्निंग करे तो बच्चे उसे बेहद पसंद करते है, जैसे की नंबर सीखते समय बच्चों को तरह-तरह के ऐक्टिविटी करवा सकते है जैसे की नंबर-मैचिंग,नंबर-colouring etc।।  

  1. बच्चों की मद्दत करे

बच्चे बहुत भोले होते है साथ ही हर बच्चे का दिमाक एक तरह से काम नहीं करता अगर बच्चे स्लो लर्नर है तो उनपर गुस्सा न करे बल्कि उनकी मद्दत करे चीजों को आसानी से समझने के लिए।

  1. फिज़िकल ऐक्टिविटी पर भी ध्यान दे- शारीरिक गतिविधि

प्रतिदिन शारीरिक गतिविधि के कई लाभ होते है,जैसे बेहतर एकाग्रता,स्वस्थ वृद्धि और विकाश,मजबूत मासपेसिया और हड्डीया,अधिक ऊर्जा, अपने समय अनुस्वार बच्चों से फिज़िकल ऐक्टिविटी भी जरूर करवाए।

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